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कैंसर अधिकतर बड़ी उमà¥à¤° के लोगों को ही होता है, परनà¥à¤¤à¥ कई बार यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ हो जाता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤• लाख लोगों में से 100 लोग कैंसर का शिकार हैं। कैंसर से तà¥à¤µà¤šà¤¾, पेशियॉं, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‰à¤‚, जोड़, पाचन तंतà¥à¤°, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤°, खून, रकà¥à¤¤à¤ªà¤°à¤¿à¤¸à¤‚चरण तंतà¥à¤°, लसिका तंतà¥à¤°, हारमोन गà¥à¤°à¤‚थियॉं और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° और जनन अंग à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¥€ अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। कैंसर à¤à¤• जगह से शà¥à¤°à¥‚ होता है और फिर दूर दूर तक पहà¥à¤à¤š जाता है। यह लिवर, फेफड़ों और अनà¥à¤¯ अंगों तक खून और लसिका के माधà¥à¤¯à¤® से पहà¥à¤à¤š जाता है। कà¥à¤› अंगों से यह ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से दूसरे अंगों तक पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है और कà¥à¤› से कम आसानी से। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में कैंसर के मामलों में से आधे से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मà¥à¤à¤¹, गले, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के होते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के कैंसर महिलाओं को होने वाले कैंसर में से सबसे आम है। सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से अंदरूनी अंगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इन में से कैंसर को ठीक कर पाना ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसान है।
कैंसर की शà¥à¤°à¥‚आत काफी धीमी होती है। कà¤à¥€ कà¤à¥€ जगह और कैंसर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के हिसाब से à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ट होते हैं जिनसे पहले से चेतावनी मिल जाती है। इसलिठकà¥à¤› कैंसर दूसरों के मà¥à¤•ाबले ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसानी से जलà¥à¤¦à¥€ पहचान लिठजाते हैं। कौन सा अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ है इसके हिसाब से विशेष लकà¥à¤·à¤£ और संकेत होते हैं। उदाहरण के लिठसà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° के कैंसर से आवाज़ à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाती है और गà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€ के कैंसर से निगलने में दिकà¥à¤•त होती है। हमें आदत होनी चाहिठकि हम शà¥à¤°à¥‚आती लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ही समठपाà¤à¤‚। अगर जलà¥à¤¦à¥€ से इलाज हो जाठतो कई à¤à¤• तरह के कैंसर पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। अगर इन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाठतो किसी à¤à¥€ तरह के कैंसर से कà¥à¤› महीनों या सालों में ही मौत हो जाती है।
à¤à¤¸à¤¾ डर फैल रहा है कि कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कà¥à¤› हद तक à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कि पिछले कà¥à¤› दशकों पहले के मà¥à¤•ाबले आज ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोग लमà¥à¤¬à¥€ उमà¥à¤° तक जीते हैं। बड़ी उमà¥à¤° में वे इस बीमारी के शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी कैंसर करने वाले कारकों से अधिक सामना होने के कारण à¤à¥€ हो रही है। आजकल चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जॉंच दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ निदान संà¤à¤µ है और चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जॉंच करवाने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¥€ बढ़ गई है।
कैंसर कà¥à¤¯à¤¾ है?
आà¤à¤– में कैंसर जिसमें कैंसर का उतक और खून की धमनियॉं सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से देख सकते है।
कोशिकाà¤à¤‚ à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ सीमा में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ हो कर नई कोशिकाà¤à¤‚ बनाती हैं। सामानà¥à¤¯ रूप से यह विà¤à¤¾à¤œà¤¨ किसी जगह पर ऊतकों के आकार और कोशिकाओं की संखà¥à¤¯à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° होता है। उदाहरण के लिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकाà¤à¤‚ हर समय बनती रहती हैं पर इतनी à¤à¥€ तेज़ी से नहीं कि कà¥à¤› दिनों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ मोटी ही हो जाà¤à¥¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोशिकाओं का नषà¥à¤Ÿ होने और नई कोशिकाओं के बनने के बीच संतà¥à¤²à¤¨ रहता है। इस तरह से कोशिकाओं और ऊतकों के पà¥à¤°à¤•ार और इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¤• सीमा में ही होती है। और सामानà¥à¤¯à¤¤: à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ नहीं होता कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ की कोई कोशिका खून के माधà¥à¤¯à¤® से कहीं और पहà¥à¤à¤š कर फंस जाठऔर वहॉं जाकर विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होने लगे।
कैंसर की कोशिकाà¤à¤‚ ये सारे नियम तोड़ देती हैं। कोशिकाओं और ऊतकों की वृदà¥à¤§à¤¿ अनियमित हो जाती है। कैंसर की कोशिकाà¤à¤‚ बड़ी हो जाती हैं और पास के ऊतकों और अंगों में à¤à¥€ घà¥à¤¸ जाती हैं, खून या लसिका में चली जाती हैं और जहॉं à¤à¥€ वे घà¥à¤¸ जाती हैं वहीं ऊतकों के साथ अटक जाती हैं। à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? कà¥à¤› कोशिकाà¤à¤‚ इस तरह से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करती हैं?
कोशिकाओं की अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी में परिवरà¥à¤¤à¤¨
जिस समय कोशिकाà¤à¤‚ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होने से उनकी संखà¥à¤¯à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है उस समय कोशिकाओं की जीन में कà¥à¤› असामानà¥à¤¯ परिवरà¥à¤¤à¤¨ हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ बदलाव कà¤à¥€ कà¤à¥€ ही होते हैं। परनà¥à¤¤à¥ इनके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हमारे शरीर में हर समय लाखों करोड़ों कोशिकाà¤à¤‚ विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होती रहती हैं। इस तरह से जीन में बदलाव आने से कोशिकाà¤à¤‚ असामानà¥à¤¯ रूप से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने लगती हैं। इस तरह की कोशिकाà¤à¤‚ दूसरी कोशिकाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज़ी से बढ़ती हैं और किसी à¤à¤• जगह पर असामानà¥à¤¯ ऊतकों का à¤à¤‚डार बना लेती हैं। खून की आपूरà¥à¤¤à¤¿ न होने के कारण इनमें से कà¥à¤› कोशिकाà¤à¤‚ तो मर जाती हैं। रगड़ वगैरह से इनमें से कà¥à¤› में से रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ और अलà¥à¤¸à¤° हो सकता है। परनà¥à¤¤à¥ इस तरह बनी बाकी की कोशिकाà¤à¤‚ बढ़ती रहती हैं। इनसे गांठ, रसौली या अलà¥à¤¸à¤°/छाला बन जाता है।
इस अवसà¥à¤¥à¤¾ को जिसमें कैंसर के ऊतक आसपास के ऊतकों में अतिकà¥à¤°à¤®à¤£ कर रहे होते हैं, लोकल इनवेज़न (आकà¥à¤°à¤®à¤£) अवसà¥à¤¥à¤¾ कहते हैं। इसके बाद ये कोशिकाà¤à¤‚ खून या लसिका के माधà¥à¤¯à¤® से दूसरी जगहों तक पहà¥à¤à¤š सकती हैं। जब कैंसर की कोशिकाà¤à¤‚ लसिका की नलिकाओं में घà¥à¤¸à¤¤à¥€ हैं तो सबसे पहले उनके रासà¥à¤¤à¥‡ में लसिका गà¥à¤°à¤‚थियॉं रोक लगाती हैं। यहॉं कैंसर की कोशिकाà¤à¤‚ बढ़ कर रसौली बना लेती हैं जो सखà¥à¤¤ मगर दरà¥à¤¦ रहित होता है। गà¥à¤°à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से कैंसर की ये कोशिकाà¤à¤‚ देर सबेर लसिका तंतà¥à¤° में घà¥à¤¸ जाती हैं। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कैंसर कोशिकाà¤à¤‚ संचरण में तैरती हà¥à¤ˆ फेफड़ों, लिवर या किसी à¤à¥€ और नलिकाओं के जाल तक पहà¥à¤à¤š जाती हैं और वहीं बढ़ती रहती हैं। अलग अलग तरह के कैंसर का फैलने का मारà¥à¤— à¤à¥€ अलग अलग होता है। उदाहरण के लिठसà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के मà¥à¤•ाबले पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ का कैंसर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज़ी से à¤à¤• जगह से दूसरी जगह पर फैलता है।
कैंसर के कारण
चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ में कैंसर à¤à¤• बहà¥à¤¤ अधिक अचà¥à¤›à¥€ तरह से अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ की गई बीमारियों में से à¤à¤• है। परनà¥à¤¤à¥ फिर à¤à¥€ हमें इस बारे में अà¤à¥€ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› जानना बाकी है कि सामानà¥à¤¯ कोशिकाओं और ऊतकों में कैंसर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। इस बारे में सिरà¥à¤« यही जानकारी है कि कोशिका के अनà¥à¤µà¤‚शिक हिसà¥à¤¸à¥‡ में बदलाव आने से à¤à¤¸à¤¾ होता है। परनà¥à¤¤à¥ अनà¥à¤µà¤‚शिक बदलाव कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है यह आजतक पता नहीं चल पाया है।
रसायन और विकिरण
कà¥à¤› रसायन, खासकर टार के यौगिक, पेंट में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाले यौगिकों, à¤à¤¸à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¸ के रेशों, पैटà¥à¤°à¥‹ रसायनों के जलने से निकलने वाले रसायनों और तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू में पाठजाने वाले निकोटिन आदि को कैंसर का खतरा बढ़ाने वाले रसायन माना जाता है। इसका अरà¥à¤¥ यह है कि जो लोग इन रसायनों के संपरà¥à¤• में आते हैं उनमें कैंसर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उन लोगों से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है जो इनके संपरà¥à¤• में नहीं आते। इसलिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले लोगों में शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° के कैंसर होने का खतरा उन लोगों के मà¥à¤•ाबले ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है जो धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करते। à¤à¤¸à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¸ की फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ में काम करने वाले लोगों को औरों के मà¥à¤•ाबले फेफड़ों के कैंसर का खतरा ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
परमाणॠविà¤à¤¾à¤œà¤¨ से निकलने वाली विकिरणें और चिकितà¥à¤¸à¤¾ में निदान के लिठइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होने वाली à¤à¤•à¥à¤¸ रे विकिरणें रेडियोधरà¥à¤®à¥€ किरणों के उदाहरण हैं। आपने शायद सà¥à¤¨à¤¾ ही होगा कि पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ शोधकरà¥à¤¤à¤¾ मेरी कà¥à¤¯à¥‚री को लंबे समय तक रेडियम (à¤à¤• रेडियोधरà¥à¤®à¥€ पदारà¥à¤¥ है) के साथ काम करते रहने के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ का कैंसर हो गया था। विकिरणों से उनके संपरà¥à¤• में आने वाली कोशिकाओं में अनà¥à¤µà¤‚शिक बदलाव आ जाते हैं इससे कैंसर हो सकता है। कैंसर की घटनाà¤à¤‚ और इसका फैलने की दर परमाणॠसंयंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ और रेडियोधरà¥à¤®à¥€ फालतू पदारà¥à¤¥ के फेंकने की जगहों के पास काफी ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणॠबंमों से हज़ारों लोग मारे गठथे और बचे हà¥à¤ बहà¥à¤¤ से लोगों को कैंसर हो गया था।
चिरकारी कà¥à¤·à¥‹à¤
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का नीचे से दिखनेवाला रूप सामानà¥à¤¯, दà¥à¤¸à¤°à¥‡ में खरबà¥à¤°à¤¾ अगर किसी जगह पर लगातार किसी चीज़ से रगड़ आदि लगे या किसी शोथ हो तो इससे कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का कैंसर इसके लगातार कà¥à¤·à¥‹à¤ गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। मà¥à¤à¤¹ का कैंसर तंबाकू, चूना या पान मसाला चबाने की आदत से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है।
आहार
बहà¥à¤¤ अधिक मिरà¥à¤š खाने की आदत से पेट का कैंसर हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे अमाशय की अंदरूनी परत शोथ गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाती है। इसी तरह से शराब पीना लिवर के कैंसर से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। इसी तरह से खान पान की खराब आदतों के कारण बड़ी आंत का कैंसर हो सकता है।
वायरस से होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£
कà¥à¤› वायरसों से कैंसर हो जाता है। उदाहरण के लिठअफà¥à¤°à¥€à¤•ा में पाया जाने वाला बरà¥à¤•िट लिंफोमा। वायरसों से à¤à¥€ कोशिकाओं में अनà¥à¤µà¤‚शिक बदलाव आ जाते हैं जिनसे कैंसर हो सकता है। कई तरह के कैंसर का संबंध वायरस से होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होने से संबंधित अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ हो रहे हैं। लोग कà¤à¥€ कà¤à¥€ यह दलील देते हैं कि बहà¥à¤¤ से धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले लोगों को कैंसर नहीं होता परनà¥à¤¤à¥ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करने वालों को हो जाता है। परनà¥à¤¤à¥ इस दलील से फेफड़ों के कैंसर का धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से संबंध को नकारा नहीं जा सकता। यह à¤à¥€ साबित हो चà¥à¤•ा है कि कैंसर करने वाले कारकों से जितना ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संपरà¥à¤• हो कैंसर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मà¥à¤– का कैंसर बहà¥à¤¤ महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। बिमारी का पता शीघà¥à¤° लगाना जरूरी है। अत: लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर निरà¥à¤à¤° नही रह सकते। अब उतà¥à¤¤à¤® परीकà¥à¤·à¤£ उपलबà¥à¤§ है। (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का लमà¥à¤¬à¤¾ सा मà¥à¤– योनीमारà¥à¤— में खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है। अपने हाथों की उà¤à¤—लियों से महिला उसे सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ कर सकते है।) इस करà¥à¤•रोग का पता शीघà¥à¤° लग सकता है। तथा समय रहते उपचारोंसे वह ठीक à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह करà¥à¤•रोग लैंगिक संसरà¥à¤— के कारण होता दिखाई देता है। 35 से 45 की उमà¥à¤° में यह रोग अधिक नजर आता है। अब इसके लिये à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धक टीका à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ है।
जानकारी
इस करà¥à¤•रोग में हà¥à¤¯à¥à¤®à¤¨ पेपिलोमा वायरस 95% बातों में जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है।
अधिक व जलà¥à¤¦à¥€ जापों के कारण इस विषाणà¥à¤¸à¤‚सरà¥à¤— का धोखा बढ जाता है
लिंग सांसगिक बिमारियों के लगने से करà¥à¤•रोग का धोखा बढ जाता है।
पà¥à¤°à¥à¤· साथीदार के लिंग की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के निचे चिकटा हो तो इस चिकटे में विषाणू होते है। सà¥à¤¨à¥à¤¤à¤¾ करने से ये विषाणू व तà¥à¤µà¤šà¤¾ खतà¥à¤® हो जाते है। अत: मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को इस करà¥à¤•रोग का धोखा कम होता है।
सूचक लकà¥à¤·à¤£
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ इसका सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ लकà¥à¤·à¤£ है।
माहवारी के अलावा बीच में या लैंगिक संबंधो के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, ये सूचक है।
रजोनिवृतà¥à¤¤à¥€ उपरानà¥à¤¤ योनीमारà¥à¤— में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होना या लाल-पिला दà¥à¤°à¥à¤—ंधीयà¥à¤•à¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होना, यह à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है।
मूलत: ये कैंसर दरà¥à¤¦à¤°à¤¹à¤¿à¤¤ होता है लेकिन उसमें पीब हो तो दà¥à¤–ता है।
पॅप टेसà¥à¤Ÿ याने गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ मà¥à¤– की पेशी के नमूने का सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¦à¤°à¥à¤¶à¥€ से परीकà¥à¤·à¤£ करना। इस परीकà¥à¤·à¤£ में पेशी में कैंसरके सूचक बदलाव दिखते है। यह परीकà¥à¤·à¤£ ससà¥à¤¤à¤¾ और 80% तक सही होता है। परीकà¥à¤·à¤£ शिबीरोमें यह बडे पैमाने पर किया जा सकता है। इस परिकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤ªà¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤ उपचार करने के लिये काफी समय à¤à¥€ मिलता है। पॅप परीकà¥à¤·à¤£à¤¸à¥‡ कैंसरसूचक बदलाव चार पायदानों में पहचाने जा सकते है।
रजोनिवृतà¥à¤¤à¥€ के बाद पॅप परीकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› कम विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ होता है। लेकिन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-हारमोन देकर उसे अधिक विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ बना सकते है à¤à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‹à¤µà¥à¤¹à¤¾à¤ˆà¤Ÿ टेसà¥à¤Ÿ पॅप परीकà¥à¤·à¤£ का à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¤®à¥à¤– पर 5% à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤• आमà¥à¤² लगाकर बदलाव को परखते है। इस परीकà¥à¤·à¤£ में कैंसर सूचक à¤à¤¾à¤— सफेद सा दिखता है। à¤à¤¸à¤¾à¤¹à¥€ à¤à¤• परीकà¥à¤·à¤£ है शिलर का आयोडिन परीकà¥à¤·à¤£à¥¤ इसमें रोग रहित à¤à¤¾à¤— नीला-सा दिखाई देता है। इन में से किसी à¤à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ में कैंसर आशंका होने पर उतना हिसà¥à¤¸à¤¾ निकालकर सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¦à¤°à¥à¤¶à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ हेतू à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है।
योनी मारà¥à¤— के सामानà¥à¤¯ सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤¯à¥à¤²à¤® परीकà¥à¤·à¤£ में à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¤®à¥à¤– पर गांठया खà¥à¤°à¤¦à¤°à¤¾ मोड दिख सकता है। हà¥à¤¯à¥à¤®à¤¨ पॅपिलोमा वायरस हेतॠटà¥à¤¯à¥‚मर मारà¥à¤•र और डी.à¤à¤¨.à¤.जैसे पà¥à¤°à¤—त परीकà¥à¤·à¤£ उपलबà¥à¤§ है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¤®à¥à¤–के कैंसर का फैलाव जानने के लिये आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिटी-सà¥à¤•ॅन, à¤à¤®.आर.आय और पी.ई.टी. परीकà¥à¤·à¤£ की सलाह दे सकते है। खेद की बात है की पूरà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¦à¤¾à¤¨ सरल होते हà¥à¤ à¤à¥€ अनेक सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚को à¤à¤¸à¥‡ परिकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का लाठनही मिल पाता है। परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प उपचार के लिये कà¥à¤› महिलाà¤à¤ काफी देर से आती है।
इलाज
कैंसर सूचक बदलाव होने पर परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¥€à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° योगà¥à¤¯ उपचार करना जरà¥à¤°à¥€ है।
रोग सीमित होने पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ नषà¥à¤Ÿ करने हेतॠकॉटरी या कà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤¸à¤°à¥à¤œà¤°à¥€ या लेà¤à¤° तकनीक उपलबà¥à¤§ है। कॉटरिं याने जलाना, जबकी कà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤¸à¤°à¥à¤œà¤°à¥€ अतिशीत तंतà¥à¤°. लेà¤à¤° से पेशी उबलती है और बाषà¥à¤ªà¥€à¤à¥‚त होकर ङà¥à¤—ूट जाती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯à¤®à¥à¤– शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से निकाला जा सकता है । इसके लिये विविध तकनीक उपलबà¥à¤§ है।
रोग के बढ़ जाने पर पूरà¥à¤£ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ निकालना पडता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध
सही उमà¥à¤° में शादी, सीमित परिवार, सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ लैंगिक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° व सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ से कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम हो जाती है।
पà¥à¤°à¤—त देशों में पॅप टेसà¥à¤Ÿ से इस रोग का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ काफी कम हो गया है। यह परीकà¥à¤·à¤£ सà¤à¥€ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-रोग तजà¥à¤œà¥à¤ž कर सकते है।
à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤• आमà¥à¤² या शिलर परीकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवक à¤à¥€ कर सकते है।
हà¥à¤¯à¥à¤®à¤¨ पॅपिलोमा का टीका à¤à¥€ अब उपलबà¥à¤§ है। इसके कारण कैंसर और विषाणू-मशक रोग टाले जा सकते है। यह टीका किशोरी अवसà¥à¤¥à¤¾à¤®à¥‡à¤‚ ही देना चाहिये। इसके तीन डोस होते है। वे कà¥à¤² छ: महिने की कालावधी में दिये जाते है।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का कैंसर
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚का कैंसर महिलाओं के लिये महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ तथा संवेदनशील विषय है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह अधिक पाया जाता है। लेकिन अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि हम उसे शीघà¥à¤° पहचानकर निकाल सकते है।यह कैंसर महिलाओंको 35-55 की उमà¥à¤° में होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। इसके कà¥à¤› कारण इस पà¥à¤°à¤•ार है -- सà¥à¤¥à¥‚लता अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ मोटापा, सà¥à¤¤à¤¨à¤à¤¾à¤° अधिक होना, खाने में तेल या वसा का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ अधिक होना, गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों का दीरà¥à¤˜ उपयोग, संतान न होना आदि। कà¥à¤› अनà¥à¤µà¤‚शिक कारण à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ है।
जो महिलाà¤à¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कम करवाती है उनà¥à¤¹à¥‡ यह रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
रोगनिदान
दरà¥à¤¦à¤¹à¥€à¤¨ छोटी गांठया गोलेसे कैंसर की शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ होती है। बादमें सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ और चिचà¥à¤•पर थोडा रकà¥à¤¤à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤°à¤¿à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। वह चिचà¥à¤• थोडा खींचा सा या संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सकता है। बगलमें गांठोका होना कैंसर बढनेकी निशानी है।
अपने सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की हर माह में à¤à¤•बार अपने हाथों से जॉंच करना अचà¥à¤›à¤¾ होता है। इसके लिये घडी के कांटेनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤°à¤®à¤¶; सà¥à¤¤à¤¨ टटोले । इसमें à¤à¤•ाध गांठया गोला होने पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे। लेकिन हर गाठया गोला कैंसर नहीं होता इसका à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखे। आप अपनी सà¥à¤¤à¤¨ परीकà¥à¤·à¤¾ माहवारी के चार-पॉंच दिनों बाद करे, या फिर महिने की निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तारीख को परीकà¥à¤·à¤¾ करे। आशंका हो तब डॉकà¥à¤Ÿà¤° से से मिले।
रोग निशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¥€ के लिये गांठके नमूने का सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ परखना पडता है। सà¥à¤ˆ से यह नमà¥à¤¨à¤¾ लेते है।
मेमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ नामक à¤à¤•à¥à¤¸ रे चितà¥à¤° से सà¥à¤¤à¤¨ की छोटी गांठे à¤à¥€ देख सकते है। यह परीकà¥à¤·à¤£ उमà¥à¤° के चालीसवे साल के बाद अधिक विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ होता है। à¤à¤®.आर.आय. परीकà¥à¤·à¤£ अधिक अचà¥à¤›à¤¾ किनà¥à¤¤à¥ महंगा है।
निसà¥à¤¤à¥‡à¤œ होना या वजन घटना कैंसर के बढने की निशानी हो सकते है।
सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर के इलाज
सà¥à¤¤à¤¨ कैंसरका पà¥à¤°à¤•ार तथा फैलाव पर उपचार निरà¥à¤à¤° होते है। आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस बारे में योगà¥à¤¯ सलाह देंगे। अब इसके बारे में हम थोडी जानकारी लेंगे। कैंसर की छोटी गांठे निकाली जा सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में उरà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨ निकालने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नही है। सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर उचित समय निकाला जाठतो जिंदगी में दà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ होने का खतरा कम हो जाता है।
लेकिन गांठबडी होने पर सà¥à¤¤à¤¨ और बगल की गांठे निकालनी पडती है। इस शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद कैंसरविरोधी इलाज किये जाते है। सामानà¥à¤¯à¤¤: इसे छ: किसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में करते है। इसके अलावा संपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• और अà¤à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥‰à¤¡à¥€ उपचार à¤à¥€ करने पडते है। इससे दà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤¾ कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। कैंसरके शरीर में फैलाव ना हो इसलिये रसायनोपचार जरूरी है।
रोकथाम
जलà¥à¤¦à¥€ निदान यही रोकथाम का मà¥à¤–à¥à¤¯ तरीका है।
रजोनिवृतà¥à¤¤à¥€ के बाद हर साल मेमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ करना अचà¥à¤›à¤¾ है। मेमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ में à¤à¥€ 10-15% मामलों में निदान गलत हो सकता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤à¤¾à¤° अधिक होनेपर गलती की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ जाती है। इसिलिये 35 साल की उमà¥à¤°à¤¤à¤• मेमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ अधिक विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ नही। इसके अलावा कà¥à¤·-किरण सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही कà¥à¤› मायनेमें कैंसरजनक हो सकते है। अत: मेमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ परीकà¥à¤·à¤£ आवशà¥à¤¯à¤•ता होनेपर ही किया जाà¤à¥¤
कैंसर की पहचान
कैंसर याने अरà¥à¤¬à¥‚द जलà¥à¤¦à¥€ पहचानने के लिये कà¥à¤› जानकारी लेंगे। यह जानकारी अपने मितà¥à¤° परिवारमें à¤à¥€ फैलायें। जलà¥à¤¦à¥€ रोगनिदान होने से इलाज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अचà¥à¤›à¥‡ हो सकते है।
कैंसर आमतौर पर वयसà¥à¤•ों में होता है। लेकिन कà¥à¤› कैंसर कम उमà¥à¤° में à¤à¥€ जैसे की खून का कैंसर हो सकते है।
बिना किसी कारण के अरà¥à¤šà¥€ और वजन घटना कैंसर सूचक हो सकता है।
निसà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾, अरकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ और कमजोरी यह à¤à¥€ कैंसरके लकà¥à¤·à¤£ हो सकते है।
बदन मे कहीं à¤à¥€ सखà¥à¤¤ गिलà¥à¤Ÿà¥€ कैंसर सूचक हो सकती है।
खॉंसी थूà¤à¤• में खून का होना टी.बी. या कैंसर का संकेत हो सकता है।
जॉंघ, बगल या गरà¥à¤¦à¤¨ में वेदना रहित सखà¥à¤¤ गिलà¥à¤Ÿà¥€à¤¯à¥‰à¤‚ हो तब ये कैंसरजनित हो सकता है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤à¤¹, सà¥à¤¤à¤¨, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾, जठर-अमाशय और फेफडोंके कैंसर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाये जाते है। ये सारे कैंसर हम जलà¥à¤¦à¥€ पहचान सकते है। लेकिन यकृत या पà¥à¤°à¥‰à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤œà¤¨à¤¿à¤¤ कैंसर à¤à¥€à¤¤à¤° होनेसे समà¤à¤¨à¥‡à¤®à¥‡à¤‚ देरी लगती है।
मà¥à¤– और गले के कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू और गà¥à¤Ÿà¤–ा खानेवालोंको मà¥à¤– का कैंसर हमेशा संà¤à¤µ है। à¤à¤¸à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सावधानी बरतना चाहिये।
मà¥à¤à¤¹ में गाल, जबडा या मसà¥à¤¡à¥‹à¤‚से जà¥à¤¡à¤¾ हà¥à¤† चिरकालिक छाला, गिलà¥à¤Ÿà¥€ या चकता संà¤à¤µà¤¤: कैंसर सूचक मानना चाहिये।
गाल और जीठके कैंसर के कारण बोलने में कठिनाई और बदलाव होते है।
कैंसर के चकते ङà¥à¤—िके या लाल होते है। कà¤à¥€ कà¤à¥€ इसमें दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होता है।
खाना निगलते समय गले में दिनोदिन अटकाव महसूस होना कैंसर सूचक मानना चाहिये।
सà¥à¤µà¤°à¤¯à¤‚तà¥à¤° से संबंधित कैंसर के कारण
आवाज खराशित होता है। लेकिन यह लकà¥à¤·à¤£ दो हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो तà¤à¥€ सोचे।
वकà¥à¤· के कैंसर से जà¥à¤¡à¥‡ लकà¥à¤·à¤£
अपने सà¥à¤¤à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ हाथ को कोई गांठया गिलà¥à¤Ÿà¥€ लगती है? इसलिये पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤¸ à¤à¤• बार आपके हाथ से दोनो वकà¥à¤·-सà¥à¤¤à¤¨ ठीक से टटेले। लेकिन à¤à¤¸à¥€ हर कोई गांठ- गिलà¥à¤Ÿà¥€ कैंसर नहीं होती। इसलिये डरे नहीं, लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¤¸à¥‡ अवशà¥à¤¯ मिले।
इसी तरह दोनो बगलमें गिलà¥à¤Ÿà¥€ के लिये नियमित रूप से जांच करे।
चालीस वरà¥à¤· उमà¥à¤° के बाद मॅमोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ टेसà¥à¤Ÿ कराना उपयोगी है।
पाचन सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ वाले कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
अनà¥à¤¨ नलिकामें खाना अटकना कैंसर सूचक समà¤à¥‡à¥¤
बिना à¤à¥‹à¤œà¤¨ के ही पेट à¤à¤°à¥‡ रहने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ लंबे अरà¥à¤¸à¥‡ हो तब जठर के कैंसर के बारे में सोचना चाहिये।
मलविसरà¥à¤œà¤¨ की आदते बदलना, मलावरोध या टटà¥à¤Ÿà¥€ में खून गिरना संदेह जनक है।
पीलीया के साथ सफेद टटà¥à¤Ÿà¥€ होती है तो जिगर का कैंसर या पितà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में कोई अटकाव संà¤à¤µ है।
उदर में सखà¥à¤¤ गोला या गांठहाथ लगे तब कैंसर के लिये अवशà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ करें।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ और मूतà¥à¤° अंग से जà¥à¤¡à¥‡ कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
वयसà¥à¤• पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में शिशà¥à¤¨ मà¥à¤‚ड पर गांठया चिरकाली छाला हो तब सावधानी बरतनी चाहिये।
पेशाब के समय अंदरà¥à¤¨à¥€ अटकाव अनà¥à¤à¤µ हो तब कैंसर की आशंका रखनी चाहिये।
अंडकोश की सखà¥à¤¤ सूजन à¤à¥€ करà¥à¤•रोगजनक हो सकती है।
महिलाओंमें माहवारी के अलावा रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ कैंसरसे जà¥à¤¡à¤¾ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को उंगली लगानेपर कोई गांठया खरदà¥à¤°à¤¾à¤ªà¤¨ लगनेपर उचित टेसà¥à¤Ÿ कर लेना चाहिये।
महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ कैंसर के शीघà¥à¤° निदान के लिये नियमित रूपसे पॅप टेसà¥à¤Ÿ करना उचित होगा।
महिलाओं को उदर में गांठया अनà¥à¤¯ गोला हाथ लगता हो तो डिंबगà¥à¤°à¤‚थी का कैंसर या और कोई वजह हो सकती है।
खून के कैंसर के लकà¥à¤·à¤£
खून के कैंसर के कारण बदनमें जगह जगह पर रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ होता है, जैसे की मसà¥à¤¡à¥‹à¤‚से, तà¥à¤µà¤šà¤¾ के निचे, खॉंसी या उलà¥à¤Ÿà¥€ में खून हो। à¤à¤¸à¥‡ मरीज को काफी थकान और निसà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ होती है, गरà¥à¤¦à¤¨ तथा जांघ और बगलमें गिलà¥à¤Ÿà¥€à¤¯à¥‰à¤‚ आती है।
समय बà¥à¤–ार और खॉंसी चलती है। इसका कारण पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ या रोगकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ घटनेसे होनेवाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
सà¥à¤à¤¾à¤µ
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ यह à¤à¤• घातक कैंसरजनक आदत है। इससे खà¥à¤¦ का और परिवार का à¤à¥€ बडा नà¥à¤•सान होता है।
कैंसर जितना जलà¥à¤¦à¥€ पहचाने उतना इलाज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आसान होता है। इसलिये वयसà¥à¤•ोंमे कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¤®à¥‡à¤‚ होने चाहिये।
कोई आशंका हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¤¸à¥‡ मिले।
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचित समय कैंसर के लिये अपनी टेसà¥à¤Ÿ करा ले।
कैंसर का इलाज खरà¥à¤šà¤¿à¤²à¤¾ होता है। हो सके तो मेडिकल इनà¥à¤¶à¥à¤°à¤¨à¥à¤¸ पहलेसे होना फायदेमंद है।
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ ने सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ के समय शिशà¥à¤¨à¤®à¥à¤‚ड हर रोज साबà¥à¤¨ पानीसे साफ करना जरà¥à¤°à¥€ है। अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ यहॉं जमनेवाली सफेद परत कैंसरजनक विषाणूओं को बढावा देती है। सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ करने से यह समसà¥à¤¯à¤¾ सदा के लिये हल होती है। इसी से औरत का गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤•ा कैंसर à¤à¥€ टल सकता है। मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤ के कारण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-पà¥à¤°à¥à¤· पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के कैंसर काफी कम हà¥à¤† करते है।
कैंसर का निदान
कैंसर का निदान शà¥à¤°à¥‚आती अवसà¥à¤¥à¤¾ (कैंसर के पहले की अवसà¥à¤¥à¤¾) या सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में ही हो जाना चाहिà¤à¥¤ इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में आपरेशन, दवाओं और विकिरणों से आसानी से इलाज हो सकता है। (इस तरह से विकिरणें न केवल कैंसर का कारण हैं बलà¥à¤•ि इसका इलाज à¤à¥€ हैं!)दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° कैंसर शà¥à¤°à¥‚आत में पकड़ में नहीं आता। इसका à¤à¤• कारण समाज में कैंसर के बारे में जानकारी का अà¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ है। बीमारी का निदान होने में देरी का à¤à¤• और कारण सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवाओं का अà¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ है। असरकारी ढंग से नियमित रूप से कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पर नज़र रखना इसका à¤à¤•मातà¥à¤° उपाय हो सकता है।
नियमित रूप से सà¤à¥€ लोगों में कैंसर की छान बीन के लिठरखना ज़रूरी है
आमतौर पर होने वाले कैंसर के संबंध में लोगों में नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर नियमित रूप से नज़र रखना ज़रूरी है।
कहीं बहà¥à¤¤ तेज़ी से वजन तो नहीं घट रहा, खासकर बड़ी उमà¥à¤° के लोगों में।
बहà¥à¤¤ तेज़ी से होने वाला अनीमिया।
बिना किसी कारण के à¤à¥‚ख लगना बंद हो जाना।
शरीर के किसी à¤à¥€ à¤à¤¾à¤— में कोई गांठया रसौली बन जाना।
चिरकारी ठीक न होने वाला अलसर।
सà¥à¤¤à¤¨ में गांठया चिरकारी अलसर।
रजोनिवृति के बाद रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µà¥¤
लंबे समय तक आवाज़ फटी रहना और किसी à¤à¥€ तरह के इलाज से इसका ठीक न होना।
लार में खून आना।
छाती में अकसर खाना अटक जाना।
लंबे समय तक पेट में à¤à¤°à¤¾ à¤à¤°à¤¾ लगते रहना, अपच या खाने के बाद अकसर उलà¥à¤Ÿà¥€ आना (अमाशय का कैंसर)।
मà¥à¤à¤¹ या जीठपर दरà¥à¤¦ रहित धबà¥à¤¬à¤¾ जो लंबे समय तक बना रहे या फिर ठीक न होने वाला अलसर।
पाखाने या पेशाब में खून आना (मलाशय या मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर)।
बिना किसी कारण से मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— की आदतों में बदलाव आ जाना और कई दिनों और हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक à¤à¤¸à¤¾ ही चलता रहना (आहार नली का कैंसर)।
मसूड़ों या शरीर के किसी à¤à¥€ बाहर खà¥à¤²à¤¨à¥‡ वाले à¤à¤¾à¤— जैसे नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚, फेफड़ों, मलाशय, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯, योनि आदि में से खून आना (खून का कैंसर)।
लंबे समय तक चलने वाला पीलिया जिसमें बà¥à¤–ार नहीं हो और पाखाने का रंग सफेद सा हो जाठ(अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ का कैंसर)।
बगलों, वंकà¥à¤·à¤£ या गले की लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों में कोई सखà¥à¤¤ सी वृदà¥à¤§à¤¿ (कैंसर की बाद की अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में दिखती है)।
इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£, खासकर बड़ी उमà¥à¤° के लोगों में, कैंसर के सूचक होते हैं। कà¥à¤› कैंसर जैसे खून का कैंसर, लसिका तंतà¥à¤° का कैंसर या हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कैंसर बचपन में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होते हैं।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि ये सारे लकà¥à¤·à¤£ केवल सूचना à¤à¤° देते हैं और इनसे यह पकà¥à¤•ा नहीं होता कि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को असल में कैंसर है। कैंसर का निदान केवल विशेषजà¥à¤ž ही कर सकते हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤¸à¥‡ कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को डराà¤à¤‚ नहीं पर यह ज़रूर पकà¥à¤•ा कर लें कि वह किसी विशेषजà¥à¤ž के पास चला जाà¤à¥¤ देरी होने से नà¥à¤•सान बढ़ जाता है।
कैंसर की पहचान के बारे में लोगों को जानकारी दें।
कैंसर का जलà¥à¤¦à¥€ निदान आम लोगों को कैंसर के संबंध में जानकारी देने से ही संà¤à¤µ है। इसके लिठविशेष निदान कैंपों से à¤à¥€ फायदा होता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के रूप में आपको कैंसर के मामलों पर नज़र रखनी चाहिà¤à¥¤ कैंसर की आम जगहों जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और मà¥à¤à¤¹ की जांच करते रहें। मà¥à¤à¤¹ में होने वाले कैंसर जलà¥à¤¦à¥€ पकड़ में आ जाते हैं। परनà¥à¤¤à¥ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के कैंसर की जांच के लिठखास कोशिशों की ज़रूरत होती है। इसके लिठ'पेप सà¥à¤®à¥€à¤…र' या शिलर आयोडिन टेसà¥à¤Ÿ तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है। इसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से कोशिकाà¤à¤‚ निकाली जाती हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤¦à¤°à¥à¤¶à¥€ से देखा जाता है। कैंसर से पहले की कोशिकाओं का à¤à¥€ इस तकनीक से पता चल जाता है।
वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कैंसर
तमà¥à¤¬à¤¾à¤•ू कैंसरजनक है।
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ कैंसर हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ कैंसर करने वाले कारकों से संपरà¥à¤• के कारण होता है। वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ कैंसर हैं ।
परमाणॠसंयंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में विकिरणों से संपरà¥à¤• होना।
à¤à¤¸à¥à¤¬à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¸ की फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ में काम कर रहे मजदूरों को उसके रेशों के कारण फेफड़ों का कैंसर होना।
विलायकों की फैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में काम कर रहे मजदूरों को बहà¥à¤¤ अधिक खतरा रहता है। (लिवर या मलाशय का कैंसर)।
कैंसर का इलाज
अगर कैंसर का निदान शà¥à¤°à¥‚आत में हो जाठतो इसे खास फैलने से पहले ही पूरी तरह से खतम किया जा सकता है। कà¥à¤› तरह के कैंसरों में आपरेशन से कैंसर वाली वृदà¥à¤§à¤¿ को निकालना होता है तो कà¥à¤› और में पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कैंसर दवाओं और / या विकिरणों की ज़रूरत होती है। परनà¥à¤¤à¥ कैंसर अकसर फिर फिर लौट कर आ जाता है इसलिठकà¤à¥€ à¤à¥€ यह नहीं माना जा सकता कि कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पूरी तरह से ठीक हो गया है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इलाज के बाद कितने समय जीवित रहा यही कैंसर के इलाज की सफलता का à¤à¤•मातà¥à¤° पैमाना है।
सिरà¥à¤« आराम पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ वाला उपचार
कई तरह के कैंसरों में जब तक बीमारी का निदान होता है तब तक इसका इलाज संà¤à¤µ ही नहीं रह गया होता। फिर à¤à¥€ निराश नहीं होना चाहिà¤à¥¤ परिवार, डॉकà¥à¤Ÿà¤° और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ कà¥à¤› कर सकते हैं। चाहे बीमारी के ठीक होने की कोई संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ न हो तो à¤à¥€ दरà¥à¤¦ कम करने और आराम पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ के तरीके आखिर तक जारी रखे जाने चाहिà¤à¥¤ इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में बीमार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¦, संकà¥à¤°à¤®à¤£, रकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ और बहà¥à¤¤ अधिक कमज़ोरी और असहायता होती है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में मोरफ़ीन à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ दरà¥à¤¦ निवारक दवा है। ठीक से खाना खिलाना उपचार का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की अपनी मानसिक मजबूती और परिवार के सहारे से बहà¥à¤¤ फरà¥à¤• पड़ जाता है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अपने जिठहà¥à¤ सालों के बारे में सोचना चाहिठन कि मौत के बारे में जो कि टाली ही नहीं जा सकती।
कैंसर से जà¥à¥œà¥€ जगह और अंग
खास लकà¥à¤·à¤£
जीठऔर मà¥à¤à¤¹
ठीक न होने वाला अलसर या धबà¥à¤¬à¤¾ या रसौली बाद में जबड़े के नीचे या गरà¥à¤¦à¤¨ की लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों का सखà¥à¤¤ हो जाना गला
सà¥à¤µà¤° यंतà¥à¤°
आवाज़ का फट जाना, गरà¥à¤¦à¤¨ में लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों का सखà¥à¤¤ हो जाना, खास तरह के शीशे से जांच करना ज़रूरी
शà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€
खाना निगलने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होना, गले में वृदà¥à¤§à¤¿ होना और गरà¥à¤¦à¤¨ में लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों का सखà¥à¤¤ हो जाना
फेफड़े
चिरकारी खॉंसी व बलगम में खून आना। छाती की à¤à¤•à¥à¤¸ रे फिलà¥à¤® में वà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿ विकास दिख जाता है
गà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨à¤²à¥€
खाना निगलने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होना और à¤à¤¸à¤¾ लगना कि खाना छाती में अटक गया है
अमाशय
à¤à¥‚ख न लगना, घंटों घंटों तक पेट à¤à¤°à¤¾ à¤à¤°à¤¾ सा लगता रहना, कà¤à¥€ कà¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ आना, पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में गांठया रसौली महसूस हो सकती है, उलà¥à¤Ÿà¥€ में खून आ सकता है
आंतें और मलाशय
मल में खून आना, मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— की आदतों में बदलाव होना
सà¥à¤¤à¤¨
सà¥à¤¤à¤¨ में सखà¥à¤¤ सी गांठहोना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ में ठीक न होने वाला अलà¥à¤¸à¤° या वृदà¥à¤§à¤¿, बगलों में लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों में सूजन
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ जो कि माहवारी से या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† न हो, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पर कोई असामानà¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ महसूस होना, पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में कोई वृदà¥à¤§à¤¿ महसूस होना
खून
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¤¿, लिवर या तिलà¥à¤²à¥€ का बढ़ जाना, बार बार संकà¥à¤°à¤®à¤£ होना
डिंबवाही गà¥à¤°à¤‚थियॉं
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में गांठहोना
वृषण
वृषण या वृषण कोश में सूजन
शिशà¥à¤¨
शिशà¥à¤¨ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मसà¥à¤¸à¥‡ जैसी या अनियमित वृदà¥à¤§à¤¿ और बीच बीच में खून निकलना
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯
बीच बीच में पेशाबदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खून निकलना
पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ गà¥à¤°à¤‚थी
पेशाब करने में परेशानी, थोड़ी थोड़ी पेशाब निकलते रहना, पेशाब में पीप, पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ और मलाशय में सखà¥à¤¤ वृदà¥à¤§à¤¿ होना
लिवर/ जिगर
बढ़ा हà¥à¤† लिवर, पीलिया या सफेद मल
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‰à¤‚
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ सखà¥à¤¤ वृदà¥à¤§à¤¿, जलà¥à¤¦à¥€ जलà¥à¤¦à¥€ बढ़ती जाती है पर दरà¥à¤¦ रहित होती है
लसिका गà¥à¤°à¤‚थियॉं
कई जगहों में लसिका गà¥à¤°à¤‚थियों में सूजन, रबर जैसी हो जाना, बà¥à¤–ार और वजन घटना
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